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कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर केस: भरी बारिश में भी डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन, हत्यारों को फांसी देने की मांग

by admin on | Aug 18, 2024 06:56 AM

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कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर केस: भरी बारिश में भी डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन, हत्यारों को फांसी देने की मांग

अंबिकापुर -: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त की रात ट्रेनी महिला डॉक्टर से बर्बरतापूर्वक रेप व हत्या  की घटना से देशभर में आक्रोश है। खासकर इस घटना को लेकर डॉक्टरों का लगातार प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में आईएमए के आह्वान पर अंबिकापुर के डॉक्टरों ने भी शनिवार को ओपीडी बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। शाम को डॉक्टरों ने महामाया चौक से शहर में रैली निकाली, जो गांधी चौक पर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान तेज बारिश शुरु हो गई, लेकिन डॉक्टरों का प्रदर्शन नहीं रुका। बारिश के बीच उन्होंने ‘वी वांट जस्टिस’ व ‘हत्यारों को फांसी दो’ जैसे नारे लगाए।


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर घटना के विरोध में चिकित्सक एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। मेडिकल कॉलेज के लगभग 80 पीजी छात्र हड़ताल में शामिल रहे। इनका समर्थन सीनियर डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फॉमासिस्ट सहित अन्य स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े लोगों ने किया। चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने से मेडिकल कॉलेज का ओपीडी भी पूरे दिन बंद रहा।


मरीजों को बिना इलाज के ही वापस जाना पड़ा। केवल इमरजेंसी सेवा संचालित रही। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि हड़ताल को देखते हुए इमरजेंसी व्यवस्था बढ़ा दी गई है।उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के अंदर इस तरह की घटना होना बहुत ही दुखद है। कड़ी मेहनत के बाद चिकित्सक का लेबल लगता है। उन्होंने कहा कि पीडि़ता को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

रैली में चिकित्सक सहित अन्य लोग हुए शामिल

महिला चिकित्सक से बलात्कार के बाद हत्या से चिकित्सकों में भारी आक्रोश है। चिकित्सक शाम 4 बजे शहर के महामाया चौक से रैली निकालकर पैदल गांधी चौक तक पहुंचे।


इस दौरान बारिश शुरु हो गई, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की और रैली जारी रही। इसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सहित आम लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एक स्वर में रेप व हत्या के आरोपियों को फांसी देने की मांग की।

सीएचसी, पीएचसी में भी रहा असर

मेडिकल कॉलेज सहित जिले भर के सीएचसी, पीएचसी के अलावा निजी अस्पताल के डॉक्टर भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल का असर सीएचसी, पीएचसी में भी देखा गया। गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दबाव रहा।

सोनोग्राफी न होने पर हंगामा

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। एक सप्ताह-दस दिन के इंतजार के बाद काफी संख्या में मरीज शनिवार की सुबह सोनोग्राफी कराने पहुंचे थे। यहां घंटों लाइन में लगने के बाद उन्हें जब पता चला की आज सोनोग्राफी नहीं हो पाएगी, क्योंकि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इसके बाद मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। मरीजों का कहना था कि हमलोग कई दिनों से सोनोग्राफी के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

समय पर नहीं हो सका शव का पीएम

चिकित्सकों के हड़ताल के कारण शव का पीएम भी समय पर नहीं हो सका। परिजन को पीएम कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। जबकि मंगलवार को 5-6 शवों का पीएम होना था।


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